Meaning of

क़ासिर

qaasir • سینکڑوں

अपर्याप्त; अधूरा; कमी

inadequate; insufficient; lacking

ناکافی; نامکمل; کمی

Arabic

तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है चराग़ सैंकड़ों जलते हैं रौशनी कम है — Shakeel Badayuni
कोई मुँह फेर लेता है तो 'क़ासिर' अब शिकायत क्या तुझे किस ने कहा था आइने को तोड़ कर ले जा — Ghulam Mohammad Qasir
अच्छे ख़ासे को कासिर कर देता है इश्क़ इंसान को काफ़िर कर देता है — MOHSIN JAHANGIR
जिन की दर्द-भरी बातों से एक ज़माना राम हुआ 'क़ासिर' ऐसे फ़न-कारों की क़िस्मत में बन-बास रहा — Ghulam Mohammad Qasir
सैंकडों लोग थे मौजूद मेरे पास मगर दिल तेरी याद से फिर भी रहा उदास मगर — Saif Dehlvi

क़ासिर एक अधूरेपन की भावना को जागृत करता है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कविता में, यह अक्सर मानव स्थिति के प्रयास और पूर्णता की निरंतर खोज को दर्शाता है।

कवि क़ासिर का उपयोग मानव प्रयासों की सीमाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रचुरता के शब्दों के विपरीत है, अस्तित्व में अंतराल और अपूर्णता में पाए जाने वाले सौंदर्य को उजागर करता है।

क़ासिर हमें प्रयास में सुंदरता और अपनी सीमाओं को स्वीकार करने में अनुग्रह की याद दिलाता है।