Meaning of

ग़ज़ल-गो

ghazal-go • غزل گو

ग़ज़ल लेखक; ग़ज़ल कवि

ghazal writer; poet of ghazals

غزل لکھنے والا; غزل شاعر

Persian

दर्द-ए-दिल रह रह तसव्वुर होते है जी
ये ग़ज़ल-गोई मियाँ आसान है क्या

0

Download Image

ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर
एक ख़तरा है जान जाने का

36

Download Image

सिवाए तालियों के कुछ नहीं मिलता
ग़ज़लगोई फ़क़त धंधा सुकूँ का है

4

Download Image

हो कर जुदा तुम सेे ग़ज़ल-गोई नहीं होगी कभी
हाँ बा'द तेरे दिल में फिर कोई नहीं होगी कभी

खु़द को तसल्ली दे रहा है बोल कर 'राही' यही
शायद बिछड़ने बा'द वो सोई नहीं होगी कभी

3

Download Image

ये ग़ज़लगोई नहीं आसान सलमा
ये ग़ज़लगो के सिवा कोई न जाने

2

Download Image

जौन को पढ़ कर ये अंदाज़ा हुआ
बहर में लिखना ग़ज़ल-गोई नहीं

2

Download Image

जिसे तुम ढूँढती रहती हो मुझ में
ग़ज़ल-गोई के शाने लग गया वो

1

Download Image

हम बहुत देर से सीखे हैं ग़ज़ल-गोई मियाँ
क़ाश आती ये जवानी में तो अच्छा होता

ज़ख़्म जो उस ने दिए हैं मैं उन्हें सी कर फिर
डूबता उस की रवानी में तो अच्छा होता

1

Download Image

दर्द-ए-दिल रह रह तसव्वुर होते है जी
ये ग़ज़ल-गोई मियाँ आसान है क्या

0

Download Image

ये ग़ज़लगोई शय तो ठीक है पर
एक ख़तरा है जान जाने का

36

Download Image

'ग़ज़ल-गो' शब्द एक ऐसे कवि की छवि प्रस्तुत करता है जो ग़ज़ल लेखन की कला में गहराई से डूबा हुआ है। यह उस निपुणता का संकेत देता है जो ग़ज़ल की मांग के अनुसार भावना और रूप के नाजुक संतुलन को साधता है।

कवि अक्सर 'ग़ज़ल-गो' का उपयोग स्वयं को या अन्य को वर्णित करने के लिए करते हैं जो ग़ज़ल बनाने में निपुण होते हैं। यह ग़ज़ल की काव्यात्मक रूप के प्रति समर्पण की भावना को भी व्यक्त कर सकता है।

'ग़ज़ल-गो' होना उन शेरों के भीतर जीना है, जहाँ हर पंक्ति काव्यात्मक समर्पण की धड़कन है।