Meaning of

हुज़ूर

huzoor • حضور

उपस्थिति; सम्मान; आदरसूचक उपाधि

presence; respect; honorific title

موجودگی; عزت; تعظیمی لقب

Arabic

तब्सिरा कौन दे ज़रूरी है
चापलूसी तो जी-हुज़ूरी है

2

Download Image

'ग़ालिब' न कर हुज़ूर में तू बार बार अर्ज़
ज़ाहिर है तेरा हाल सब उन पर कहे बग़ैर

55

Download Image

चमन में आप की तरह गुलाब एक भी नहीं
हुज़ूर एक भी नहीं जनाब एक भी नहीं

34

Download Image

मैं संतरी हूँ औरतों की जेल का हुज़ूर
दो-चार क़ैदी इस लिए कम गिन रहा हूँ मैं

18

Download Image

अब दुआएँ पा रहा है हर दिल-ए-नाशाद की
क्या ग़ज़ब होगा वो जिस ने ख़ुद-कुशी ईजाद की

शा'इरी का ये हुनर कुछ देर से आया मगर
जी-हुज़ूरी की नहीं मैं ने किसी उस्ताद की

15

Download Image

क्या हो गया है दिल को जो यूँँ चीख़ता है ये
आवाज़ रोज़ रोज़ किसे दे रहा है ये

दुनिया शराब ज़हर इसे नाम कुछ भी दे
पर हम तो जानते हैं ग़मों की दवा है ये

जाँ को मेरी क़रार भी जुज़ रंज-ओ-ग़म कहाँ
अब कोई मसअला न रहा मसअला है ये

हम से निगाह फेर के जाना हुज़ूर का
फिर शर्तिया नया कोई तर्ज़-ए-जफ़ा है ये

भागा करे उधर कि जिधर रास्ता नहीं
दिल को कहें भी क्या कि कहाँ मानता है ये

अब और छेड़िए न मेरे दिल को देखिए
पहले ही ज़ार ज़ार लहू रो चुका है ये

इक बार 'मुन्तज़िर' जो लगाया ज़बान से
फिर उम्र भर न जाएगा कैसा नशा है ये

4

Download Image

आप का हम सेे मिलना है फ़िल्मी बहुत
वरना देखी हैं मैं ने भी लड़की बहुत

बस यही इक कमी आप में है हुज़ूर
देर से आ के जाते हो जल्दी बहुत

4

Download Image

क्या मोहब्बत में ये सही था यार
जी से मैं जी-हुज़ूरी पे आया

2

Download Image

तुम्हारे है दामन में बस जी-हुज़ूरी
ये सारी रिफ़ाक़त तो हम को मिली है

2

Download Image

दिल-लगी ग़ैर ज़ात में कर के
फँस गए जी-हुज़ूर हम दोनों

2

Download Image

तब्सिरा कौन दे ज़रूरी है
चापलूसी तो जी-हुज़ूरी है

2

Download Image

'ग़ालिब' न कर हुज़ूर में तू बार बार अर्ज़
ज़ाहिर है तेरा हाल सब उन पर कहे बग़ैर

55

Download Image

'हुज़ूर' मूल रूप से उपस्थिति या हाज़िरी का संकेत करता है, लेकिन इसमें सम्मान और श्रद्धा का भार भी होता है। कविता में, यह गरिमा और आदरणीय उपस्थिति की आभा को जगाता है, अक्सर गहरे सम्मान के साथ किसी को संबोधित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

प्रिय या किसी अधिकारिक व्यक्ति को श्रद्धा के साथ संबोधित करने के लिए प्रयोग होता है। निकटता का भाव देता है, फिर भी एक सम्मानजनक दूरी बनाए रखता है। अक्सर प्रकाश और कृपा की छवियों के साथ जोड़ा जाता है।

'हुज़ूर' श्रद्धा और निकटता के नाजुक संतुलन को समेटे हुए है, एक ऐसा शब्द जो सम्मान को स्नेह से जोड़ता है।