Meaning of

कोहर

kohar • کوہر

कोहरा; धुंध; कुहासा

fog; mist; haze

دھند; کہر; غبار

Unknown

अगर हो कोहर-ए-वासर मुजस्सम कौन दिखता है
हों जब गर्दिश में गर तारे तो हमदम कौन दिखता है

0

Download Image

इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए

30

Download Image

सुख़न की राह में बढ़ते मुसाफ़िर
सँभल कर, सामने कोहरा घना है

5

Download Image

मोहब्बत हो गई बदनाम जानी
मचा है शहर में कोहराम जानी

5

Download Image

ये सर्द मौसम ये घनघोर कोहरा
आओ ज़रा तुम गले से लगा लो

2

Download Image

कोहरा जो देखा उस ने ठिठराके मुझ सेे पूछा
मौसम ये सर्द है या हसरत जली है कोई

2

Download Image

दिल ही तो टूटा है बस कोहराम कैसा
धड़कनों से ख़ुद की ही इग़्राम कैसा

जब दुआ मंज़ूर दोनों की हुई थी
फिर ख़ुदा पर हिज्र का इल्ज़ाम कैसा

2

Download Image

शोर में होंटों पे ख़ामोशी लाना बेहतर
लफ़्ज़ों को ज़ाया' करने से बचाना बेहतर

दिन ढलते ही जब ज़ोजा ख़ुश हो जाती है
रात के आने से पहले घर जाना बेहतर

वो आते ही होंगे हम ये कब तक सोचे
ख़ुद ही जा के उन को घर से बुलाना बेहतर

रिश्तों में तो दरारें अक्सर आ जाती हैं
फौरन उन में मोहब्बत ही भरवाना बेहतर

गहरे कोहरे में सूरज कैसे निकलेगा
इतनी मायूसी से बाहर आना बेहतर

सड़कों पे चलते रहने से कुछ भी न होगा
अपनी आँखों में इक ख़्वाब सजाना बेहतर

माँ की दुआएँ तो सच्चे मोती हैं 'अरशद'
उन के पैर को अपने आप दबाना बेहतर

1

Download Image

सूरज के आते ही कैसे छँटने लगता है कोहरा
आ जाओ तुम रस्ते से अवरोध स्वयं हट जाएँगे

1

Download Image

कैसे मचा वहाँ पर कोहराम तुम बताओ
किस ने किसे किया है नीलाम तुम बताओ

1

Download Image

अगर हो कोहर-ए-वासर मुजस्सम कौन दिखता है
हों जब गर्दिश में गर तारे तो हमदम कौन दिखता है

0

Download Image

इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए

30

Download Image

कोहर रहस्य और अस्पष्टता में लिपटे हुए दुनिया की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर अनिश्चितता, अज्ञात, या वास्तविकता और सपनों के बीच के पर्दे का प्रतीक होता है।

कवि 'कोहर' का उपयोग रहस्य और आत्मनिरीक्षण की भावनाओं को उजागर करने के लिए करते हैं। यह स्मृति के कोहरे या भावनाओं के कुहासे का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

कोहर हमें अनिश्चित और अदृश्य में सुंदरता को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है।