Meaning of

मअना

maana • معنی

अर्थ; महत्व

meaning; significance

معنی; اہمیت

Arabic

जहाँ तक मुझ सेे मतलब है जहाँ को
वही तक मुझ को पूछा जा रहा है

ज़माने पर भरोसा करने वालों
भरोसे का ज़माना जा रहा है

70

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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

297

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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है
ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है

283

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ये फ़िल्मों में ही सब को प्यार मिल जाता है आख़िर में
मगर सचमुच में इस दुनिया में ऐसा कुछ नहीं होता

चलो माना कि मेरा दिल मेरे महबूब का घर है
पर उस के पीछे उस के घर में क्या-क्या कुछ नहीं होता

214

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बात ही कब किसी की मानी है
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी

ये कलाई ये जिस्म और ये कमर
तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी

162

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तू भी कब मेरे मुताबिक मुझे दुख दे पाया
किस ने भरना था ये पैमाना अगर ख़ाली था

एक दुख ये कि तू मिलने नहीं आया मुझ सेे
एक दुख ये है उस दिन मेरा घर ख़ाली था

162

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वो ज़माना गुज़र गया कब का
था जो दीवाना मर गया कब का

117

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हम को मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं
हम से ज़माना ख़ुद है ज़माने से हम नहीं

87

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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से

85

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इश्क़ अगर बढ़ता है तो फिर झगड़े भी तो बढ़ते हैं
आमदनी जब बढ़ती है तो ख़र्चे भी तो बढ़ते हैं

माना मंज़िल नहीं मिली है हम को लेकिन रोज़ाना
एक क़दम उस की जानिब हम आगे भी तो बढ़ते हैं

73

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जहाँ तक मुझ सेे मतलब है जहाँ को
वही तक मुझ को पूछा जा रहा है

ज़माने पर भरोसा करने वालों
भरोसे का ज़माना जा रहा है

70

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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

297

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मअना अपने मूल में शब्दों और कार्यों के अंतर्निहित अर्थ या महत्व को दर्शाता है। कविता में, यह शब्दशः से परे जाकर गहराई में उतरता है, अक्सर छिपी हुई अर्थ की परतों को प्रकट करता है जो पाठक की आत्मा के साथ प्रतिध्वनित होती हैं।

कवि 'मअना' का उपयोग भाषा की गहराइयों का अन्वेषण करने, अनकहे को उजागर करने और अव्यक्त को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आत्मा की फुसफुसाहट और हृदय की मौन पुकार को प्रकट करने का एक साधन है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मअना' दृश्य और अदृश्य, बोले गए और अनकहे के बीच पुल बन जाता है।