Meaning of

मज़ा

maza • مزہ

आनंद; सुख; प्रसन्नता

pleasure; enjoyment; delight

مزہ; لطف; خوشی

Persian

किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की
किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का

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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो
तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो

मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ
मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो

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गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए
यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए

मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं
तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए

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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो

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सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा
मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा

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बहुत मज़ाक़ उड़ाते हो तुम ग़रीबों का
मदद तो करते हो तस्वीर खींच लेते हो

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वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया
मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया

दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा
तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया

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तुम ने एहसान किया था जो हमें चाहा था
अब वो एहसान जता दो तो मज़ा आ जाए

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मज़ा तो तब है कि तुम हार के भी हँसते रहो
हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है

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इश्क़ करना इक सज़ा है क्या करें
इश्क़ का अपना मज़ा है क्या करें

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किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की
किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का

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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो
तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो

मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ
मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो

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'मज़ा' इंद्रियों के आनंद का सार प्रस्तुत करता है, जीवन के क्षणिक सुखद क्षणों को। कविता में, यह खुशी की क्षणभंगुर प्रकृति का रूपक बन जाता है, अनुभवों की क्षणिक सुंदरता की याद दिलाता है। यह जीवन की मिठास को जागृत करता है, इसकी अस्थिरता की जागरूकता से संतुलित।

कवि अक्सर 'मज़ा' का उपयोग जीवन के क्षणभंगुर सुखों को पकड़ने के लिए करते हैं। इसे दुःख या लालसा के विपरीत रखा जा सकता है, जो अस्तित्व की खट्टे-मीठे प्रकृति को उजागर करता है। इसे समय के प्रवाह से अप्रभावित शुद्ध आनंद के क्षणों का जश्न मनाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।

'मज़ा' जीवन के क्षणभंगुर सुखों की मधुर प्रतिध्वनि है, सुंदरता की क्षणभंगुर प्रकृति की कोमल याद दिलाता है।