Meaning of

मुख़्बर

mukhbar • مخبر

सूचना देने वाला; मुखबिर

informant; informer

مخبر; اطلاع دینے والا

Arabic

हमें तो ठीक से तो शा'इरी भी अब नहीं आती
पता तो है नहीं कैसे ग़ज़ल अनवर उतर आया

हमें कल देख टी वी पर भला क्या सोच रोओगी
यही बस सोच दिल से यार ये मुख़्बर उतर आया

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बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की

जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा
बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की

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हवा से परे था पता जब दिए का
तो कैसे बुझा था दिया मुख़बिरी पर

बता तो दिया है कि ये ये कमी है
सुकूँ से करो तब्सिरा अब कमी पर

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दिलों का राज़ रब ही जानता है
मुलव्विस कौन हैं इस मुख़्बिरी में

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हमें तो ठीक से तो शा'इरी भी अब नहीं आती
पता तो है नहीं कैसे ग़ज़ल अनवर उतर आया

हमें कल देख टी वी पर भला क्या सोच रोओगी
यही बस सोच दिल से यार ये मुख़्बर उतर आया

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बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की

जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा
बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की

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'मुख़्बर' शब्द रहस्यों के वाहक का सुझाव देता है, जो ज्ञान की शक्ति रखता है। कविता में, यह अक्सर एक दोहरी भूमिका निभाता है, विश्वासघात और रहस्योद्घाटन दोनों का प्रतिनिधित्व करता है, विश्वास और धोखे के बीच की पतली रेखा।

कवि 'मुख़्बर' का उपयोग विश्वास और विश्वासघात के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह मानव संबंधों की नाजुक प्रकृति का प्रतीक बन जाता है, जहाँ सत्य और झूठ मिलते हैं। यह शब्द उन रहस्यों के तनाव को जागृत करता है जो प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

काव्यिक क्षेत्र में, 'मुख़्बर' ज्ञान और विश्वास के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है, हमारे जीवन को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों की याद दिलाता है।