
हमें तो ठीक से तो शा'इरी भी अब नहीं आती
पता तो है नहीं कैसे ग़ज़ल अनवर उतर आया
हमें कल देख टी वी पर भला क्या सोच रोओगी
यही बस सोच दिल से यार ये मुख़्बर उतर आया
— Raunak Karn
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