Meaning of

मुल्क़

mulk • ملک

देश; भूमि; राज्य

country; land; realm

ملک; زمین; سلطنت

Arabic

ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए

हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात
इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए

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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ
वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ

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दो गज़ सही मगर ये मेरी मिल्कियत तो है
ऐ मौत तू ने मुझे ज़मींदार कर दिया

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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है
तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है

बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम
मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है

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सर पकड़ कर डिग्रियों को देखता है नौजवाँ
मुल्क में इस वक़्त बेकारी बहुत मशहूर है

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दिखाते हैं पड़ोसी मुल्क आँखें तो दिखाने दो
कहीं बच्चों के बोसे से भी माँ का गाल कटता है

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पराए मुल्क में पैसा नहीं बनाऊँगा
मैं तुम को छोड़ के दुनियां नहीं बनाऊँगा

मैं अपने शौक पुराउंगा अपने पैसों से
ज़मीन बेच के बंगला नहीं बनाऊँगा

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कहीं से दुख तो कहीं से घुटन उठा लाए
कहाँ-कहाँ से न दीवानापन उठा लाए

अजीब ख़्वाब था देखा के दर-ब-दर हो कर
हम अपने मुल्क से अपना वतन उठा लाए

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उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें

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हम हैं हिन्दी और हमारा मुल्क है हिन्दोस्ताँ
हिन्द में पैदा तसव्वुफ़ के ज़बाँ-दाँ कीजिए

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ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए

हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात
इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए

25

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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ
वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ

228

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मूल रूप में 'मुल्क़' एक भौगोलिक या राजनीतिक इकाई को संदर्भित करता है, एक ऐसा स्थान जहाँ लोग अपनी पहचान पाते हैं। कविता में, यह अक्सर अपने वतन से जुड़ी भावनाओं, यादों और नॉस्टैल्जिया को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर 'मुल्क़' का उपयोग अपने वतन के लिए तड़प को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दिल के क्षेत्र, भावनात्मक शरण या खोए हुए स्वर्ग का प्रतीक हो सकता है।

मुल्क़ पहचान और जुड़ाव का भार वहन करता है, यह एक काव्यात्मक अनुस्मारक है कि दिल कहाँ अपना सच्चा घर पाता है।