Meaning of

नदामत

nadaamat • ندامت

पछतावा; खेद; प्रायश्चित

regret; remorse; repentance

ندامت; پچھتاوا; توبہ

Arabic

दामन-ए-दिल से शजर साफ़ लहू कर लेना
बा'द में दामन-ए-दिल अपना रफ़ू कर लेना

जब जुदाई के मुसल्ले पे रखो पैरों को
आप तब अश्क-ए-निदामत से वुज़ू कर लेना

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हम कुछ ऐसे उस के आगे अपनी वफ़ा रख देते हैं
बच्चे जैसे रेल की पटरी पर सिक्का रख देते हैं

तस्वीर-ए-ग़म, दिल के आँसू, रंज-ओ-नदामत, तन्हाई
उस को ख़त लिखते हैं ख़त में हम क्या क्या रख देते हैं

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ऐसा बदला हूँ तिरे शहर का पानी पी कर
झूट बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को

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तुझ को क्या इल्म तुझे हारने वाले कुछ लोग
किस क़दर सख़्त नदामत से तुझे देखते हैं

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नदामत, बे-क़रारी, हिज्र, ज़िल्लत और तन्हाई
मोहब्बत में यही दो–चार ग़म हर–बार होते हैं

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हम करेंगे गुनाह दोबारा
लुत्फ़ आया अगर नदामत में

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तसव्वुर था उसे ख़ुद की मुकम्मल सी ग़ज़ल कहता
नदामत है कि वो दुल्हन किसी की बन चुकी होगी

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हर किसी की गोद में बच्चे नहीं आते कभी
इस नदामत से मिरी बाँहें तिरी सी रह गईं

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जब भी उस को बताई है बात दिल की
दिल नदामत-नदामत करने लगा तब

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कुछ बचा ही नहीं शिकायत में
साँस खलने लगी है फ़ुरक़त में

तंज़ करते हैं उन की बातों पर
बा'द रोते हैं हम नदामत में

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दामन-ए-दिल से शजर साफ़ लहू कर लेना
बा'द में दामन-ए-दिल अपना रफ़ू कर लेना

जब जुदाई के मुसल्ले पे रखो पैरों को
आप तब अश्क-ए-निदामत से वुज़ू कर लेना

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हम कुछ ऐसे उस के आगे अपनी वफ़ा रख देते हैं
बच्चे जैसे रेल की पटरी पर सिक्का रख देते हैं

तस्वीर-ए-ग़म, दिल के आँसू, रंज-ओ-नदामत, तन्हाई
उस को ख़त लिखते हैं ख़त में हम क्या क्या रख देते हैं

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'नदामत' शब्द गहरे पछतावे और खेद का भार वहन करता है। यह पिछले कार्यों या निर्णयों के लिए गहरी दुःख की भावना को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर प्रायश्चित और मोचन की लालसा के विषयों का अन्वेषण करता है, अपराधबोध के साथ मानव संघर्ष को पकड़ता है।

कवि 'नदामत' का उपयोग मानव भावनाओं की गहराइयों में उतरने के लिए करते हैं। यह खोए हुए अवसरों के लिए एक प्रेमी के पछतावे या क्षमा की लालसा के लिए आत्मा को चित्रित कर सकता है।

'नदामत' अपनी काव्यात्मक गहराई में आत्मा के आंतरिक अशांति का दर्पण है, मोचन के मार्ग की एक मार्मिक याद दिलाता है।