Meaning of

निग़ाहों

nigaahon • نگاہوں

नज़रें; दृष्टि; ताका-झांकी

glances; looks; gazes

نگاہیں; نظر; دیکھنا

Persian

नज़र के सामने आख़िर जिगर की बात ही क्या है
कई दिल मात खाते हैं तेरी तिरछी निगाहों से

कभी हम को तुम्हारी बात भी अच्छी नहीं लगती
कभी उठते नहीं बनता तेरी ज़ुल्फ़ों के सायों से

25

Download Image

अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

130

Download Image

निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते
यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते

हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं
हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते

85

Download Image

आप को मैं ने निगाहों में बसा रक्खा है
आइना छोड़िए आईने में क्या रक्खा है

59

Download Image

मुहब्बत में समझदारी से अक्सर काम लेते हैं
कहीं महबूब वो कहते कहीं वो नाम लेते हैं

मचलता है कभी जो दिल करें बातें निगाहों से
इजाज़त धड़कने देतीं वो दिल को थाम लेते हैं

56

Download Image

तुझे कुछ याद भी है क्या मिरा उस रात में आना
छतों से कूदकर के फिर भरी बरसात में आना

कई मंज़र बने ख़ंजर चुभे मेरी निगाहों में
मुझे मिलने को पर तेरा किसी के साथ में आना

41

Download Image

ना तो कुछ सुनते हैं ना ही बोल कुछ पाते हैं हम
सामने उन के सरापा आँख हो जाते हैं हम

वो निगाहें इन निगाहों से कभी हटती नहीं
वरना कितनी ही निगाहें हैं जिन्हें भाते हैं हम

38

Download Image

तुम उस को बुलंदी से गिराने में लगे हो
तुम उस को निगाहों से गिरा क्यूँँ नहीं देते

36

Download Image

हज़ार बार निगाहों से चूम कर देखा
लबों पे उस के वो पहली सी अब मिठास नहीं

26

Download Image

कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दो
मेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो

26

Download Image

नज़र के सामने आख़िर जिगर की बात ही क्या है
कई दिल मात खाते हैं तेरी तिरछी निगाहों से

कभी हम को तुम्हारी बात भी अच्छी नहीं लगती
कभी उठते नहीं बनता तेरी ज़ुल्फ़ों के सायों से

25

Download Image

अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

130

Download Image

'निग़ाहों' शब्द एक नज़र की क्षणिक लेकिन गहरी प्रकृति को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर अनकहे भावनाओं का प्रतीक होता है, आँखों की मौन भाषा जो प्रेम, लालसा या तिरस्कार व्यक्त कर सकती है।

कवि 'निग़ाहों' का उपयोग प्रेमियों के बीच मौन संवाद को जागृत करने के लिए करते हैं। यह एक ही नज़र में अर्थ की एक दुनिया का सुझाव दे सकता है, अक्सर बहुत कुछ अनकहा छोड़ते हुए भी गहराई से महसूस किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'निग़ाहों' दिलों के बीच पुल बन जाता है, जहाँ मौन शब्दों से अधिक बोलता है।