Meaning of
क़दर-दान-ए-सुख़न
qadar-daan-e-sukhan • قدر دان سخن
Hindi
काव्य का पारखी; वाक्पटुता का प्रशंसक
English
appreciator of eloquence; admirer of poetry
Urdu
شاعری کا قدردان; فصاحت کا معترف
Origin
Persian
Nuance
यह शब्द उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो न केवल शब्दों की गहराई को समझता है बल्कि उनकी सुंदरता का भी आनंद लेता है। यह एक ऐसी आत्मा की बात करता है जो कविता की कला में सांत्वना और प्रेरणा पाती है, प्रत्येक पंक्ति में बुने गए शिल्प और भावना को महत्व देती है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग एक ऐसे चरित्र का वर्णन करने के लिए करते हैं जो कविता से गहराई से प्रभावित होता है। यह उन लोगों को श्रद्धांजलि हो सकती है जो अपनी प्रशंसा के माध्यम से कला को जीवित रखते हैं। कभी-कभी, यह उन लोगों के विपरीत होता है जो काव्य सौंदर्य के प्रति उदासीन होते हैं।
Closing Insight
क़दर-दान-ए-सुख़न होना कविता को अपने हृदय के करीब रखना है, जिसमें आत्मा का दर्पण मिलता है।