Meaning of

क़हर-ए-इलाही

qahar-e-ilaahi • قہر الہی

ईश्वर का क्रोध; दैवीय प्रकोप

divine wrath; God's anger

خدا کا غضب; الہی قہر

Arabic

यह वाक्यांश एक ऐसी शक्ति और न्याय की भावना को जगाता है जो अक्सर मानव समझ से परे होती है। कविता में, यह दैवीय प्रतिशोध से जुड़ी भय और श्रद्धा को दर्शाता है, एक ऐसी शक्ति जो भयभीत भी करती है और पूजनीय भी है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अंतिम न्याय या दंड को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो अपरिहार्य है। यह अक्सर मानव दुर्बलता को दैवीय शक्ति के साथ विपरीत करता है। यह किसी के कार्यों के नैतिक परिणामों को भी उजागर कर सकता है।

कविता में, 'क़हर-ए-इलाही' ब्रह्मांड को नियंत्रित करने वाली अंतिम शक्ति की याद दिलाता है, एक ऐसी शक्ति जो न्यायपूर्ण भी है और निर्दयी भी।