Meaning of

क़र्ज़-ए-मुरव्वत

qarz-e-murawwat • قرض مروت

कृपा का ऋण; शिष्टाचार का दायित्व

debt of kindness; obligation of courtesy

مہربانی کا قرض; شائستگی کا فرض

Persian

यह वाक्यांश उन अदृश्य ऋणों की बात करता है जो हम मुद्रा में नहीं, बल्कि कृपा और शिष्टाचार में चुकाते हैं। यह नैतिक और नैतिक बंधनों को दर्शाता है जो व्यक्तियों को पारस्परिक सम्मान और आभार के जाल में बांधते हैं।

कवि इसे आभार और नैतिक कर्तव्य के विषयों की खोज के लिए उपयोग करते हैं। यह अक्सर मानव संबंधों के अदृश्य बंधनों पर विचार करते हुए छंदों में प्रकट होता है।

क़र्ज़-ए-मुरव्वत हमें उन कोमल बंधनों की याद दिलाता है जो दिलों को भौतिक आदान-प्रदान से परे बांधते हैं।