Meaning of

क़िस्त-ए-आरज़ू

qist-e-aarzoo • قسط آرزو

इच्छा की क़िस्त; लालसा का हिस्सा

installment of desire; portion of longing

خواہش کی قسط; آرزو کا حصہ

Persian

इस शब्द का मूल अर्थ इच्छाओं को किस्तों में बाँटने का है, जैसे कि लालसा एक ऋण है जिसे समय के साथ चुकाना है। कविता में यह भाव और गहराई से उभरता है, जहाँ तृप्ति हमेशा थोड़ी दूर होती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अक्सर इच्छा और तृप्ति के बीच के तनाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह लालसा की यात्रा का संकेत देता है, जहाँ हर कदम एक लाभ है और साथ ही यह याद दिलाता है कि अभी और क्या आना बाकी है।

कविता में, क़िस्त-ए-आरज़ू आशा और विलंब के अनंत नृत्य को पकड़ता है। यह याद दिलाता है कि लालसा स्वयं एक यात्रा है।