Meaning of

रीवायत

riwaayat • روایت

परंपरा; रिवाज; कथा

tradition; custom; narrative

روایت; رسم; کہانی

Arabic

जैसा कह रहे हो वैसा नहीं है
दर्द तुम ने अभी देखा नहीं है

बे-वफ़ाई है दुनिया की रिवायत
बे-वफ़ाई कोई धोखा नहीं है

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इश्क़ में हो बे-वफ़ाई बे-हयाई बे-कली
तुम को गर मंज़ूर है तो हम को भी मंज़ूर है

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दिल लगा के दगा हम नहीं करते हैं
बेवफाई हमारी रिवायत नहीं

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बे-वफ़ाई आदत है
बे-हयाई फ़ितरत है

मेरे जैसे आशिक़ हैं
आशिक़ी पे लानत है

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इक रिवायत थी निभानी सो निभा दी मैं ने
छोड़ कर जाते हुए ख़ूब दुआ दी मैं ने

उस को बस इतना ही कह पाया कि ख़ुश रहना और
दिल की दीवार से तस्वीर हटा दी मैं ने

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हमें मालूम नहीं था ये मुसीबत है
हमें ये इल्म नहीं था की रिवायत है

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हाँ जिस्म की हवस का आग़ाज़ करते हैं वो
अपनी ही बे-हयाई पे नाज़ करते हैं वो

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मुझे मिलने जो आते हो रिवायत भूल जाते हो
कभी आशिक़ को लाते हो कभी भूले से आते हो

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सपने गए सुकून भी उल्फ़त चली गई
मिलने की अपने आप से फ़ुर्सत चली गई

मेरी तो बोलने की ही आदत चली गई
तेरे ही साथ सारी शरारत चली गई

खुशियांँ थीं उस सेे घर में थीं आंँगन में रौनकें
बिटिया के साथ घर की भी बरकत चली गई

छूटा तुम्हारा साथ तो बाक़ी ही क्या बचा
दिल में जो पल रही थी वो हसरत चली गई

आते नहीं फ़क़ीर न साइल भी आजकल
माँ क्या गई कि घर की रिवायत चली गई

मेरे सुख़न पे तू ने उठाईं जो उँगलियाँ
मेरी तमाम उम्र की मेहनत चली गई

यूँँंँ भी कभी जहान में इफ़रात में न थी
थोड़ी बहुत थी वो भी सदाक़त चली गई

होती नहीं है शे'र की आमद भी अब नज़र
तुम क्या गए कि लफ़्ज़ की ताक़त चली गई

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बे-हयाई न हुई इत्र हुई बे-ढंगी
बा-हया तो कभी इस रंग में बे-बाक न हो

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जैसा कह रहे हो वैसा नहीं है
दर्द तुम ने अभी देखा नहीं है

बे-वफ़ाई है दुनिया की रिवायत
बे-वफ़ाई कोई धोखा नहीं है

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इश्क़ में हो बे-वफ़ाई बे-हयाई बे-कली
तुम को गर मंज़ूर है तो हम को भी मंज़ूर है

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अपने मूल अर्थ में, 'रीवायत' उन परंपराओं और रिवाजों को संदर्भित करता है जो समाज की सांस्कृतिक संरचना को आकार देते हैं। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव अनुभवों की गहराई और निरंतरता को खोजा जा सके, अक्सर परंपरा के भार को व्यक्तिगत इच्छाओं की क्षणभंगुरता के साथ विपरीत करते हुए।

'रीवायत' का उपयोग कवि अक्सर एक प्रकार की पुरानी यादों को जगाने या सामाजिक मानदंडों की सीमाओं की आलोचना करने के लिए करते हैं। यह अतीत और वर्तमान के बीच तनाव का प्रतीक हो सकता है, या परंपरा का सम्मान करते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता की खोज का संघर्ष।

रीवायत समय के धागों को बुनती है, अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए सांस्कृतिक स्मृति की एक गाथा में।