इक रिवायत थी निभानी सो निभा दी मैं नेछोड़ कर जाते हुए ख़ूब दुआ दी मैं नेउस को बस इतना ही कह पाया कि ख़ुश रहना औरदिल की दीवार से तस्वीर हटा दी मैं ने— Mukesh Jha