Meaning of
रूख़
rookh • رخ
Hindi
चेहरा; मुख; सूरत
English
face; visage; countenance
Urdu
چہرہ; صورت; رخسار
Origin
Arabic
Ash'aar
Nuance
मूल रूप में 'रूख़' चेहरे या मुख का संकेत करता है, जो भावनाओं और विचारों को प्रकट करता है। कविता में, यह सुंदरता, दुख और लालसा के भावों का कैनवास बन जाता है, प्रिय के चेहरे पर प्रकाश और छाया के क्षणिक खेल को पकड़ता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'रूख़' का उपयोग प्रिय के चेहरे का वर्णन करने के लिए करते हैं, उसकी सुंदरता और उससे उत्पन्न भावनाओं को पकड़ते हैं। इसे हृदय के साथ विपरीत किया जाता है, जो छिपी हुई भावनाओं को धारण करता है। चेहरा आंतरिक अशांति या शांति को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।
Closing Insight
'रूख़' के रूप में चेहरा कविता में एक मौन कहानीकार है, जो आत्मा की गहराइयों को प्रकट करता है। यह एक मुखौटा भी है और एक रहस्योद्घाटन भी।
