Meaning of

सुखन–वर

sukhan–var • سخن ور

कवि; शब्दकार

poet; wordsmith

شاعر; لفظ ساز

Persian

मैं सुख़न वर ये मरज़ मेरे लिए था
लड़खड़ाना और नस नस लड़खड़ाना

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हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे
कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और

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सुख़न-वर बन गया अब तो बताओ
बताओगी नहीं तो हाँ समझ लूँ

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होते-होते यारों मुझ को और बेहतर होना है
या'नी कुछ कहनी है ग़ज़लें औ' सुख़न-वर होना है

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हुस्न वालों में सभी को शंग होना चाहिए
और इस के साथ ही नव-रंग होना चाहिए

अंजुमन में आएँगे तो दाद भी देंगे मगर
हर सुख़न-वर शर्त है ख़ुद-रंग होना चाहिए

मैं ज़माने में अगर मंसूब था तो तुम सेे था
क़ब्र में भी तुम को मेरे संग होना चाहिए

तीस दिन में एक दिन ही दिल पे दस्तक देते हो
इश्क़ करने का कोई तो ढंग होना चाहिए

मुझ सेे ही मंसूब है इस मुल्क की मिट्टी तो फिर
इस तिरंगे में भी मेरा अंग होना चाहिए

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जो उस का हुस्न न हो तो ये सब सुख़न-वर लोग
सुख़न को छोड़ के गायें चराने लग जाए

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अपना ही एक मौसम लिए फिरते हैं
लोग जो दिल को पुर-ग़म लिए फिरते हैं

चारा-गर जैसे हैं ये सुख़न-वर सभी
सबके ज़ख़्मों का मरहम लिए फिरते हैं

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बस ख़ुद-कुशी से बचने का जरिया है शा'इरी
हम को सुख़न-वरी से तो शोहरत तलब नहीं

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सफ़र मुझ ऐसे सुख़न-वर का रायगाँ कैसे
ख़राब इश्क़ को कहती हो जान-ए-जाँ, कैसे

तुम उस सेे कह दो मैं महफ़िल में हूँ हसीनों की
उसे ख़बर है मैं होता हूँ कब कहाँ कैसे

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बिना उस के गुज़ारा कब तलक होगा
सुख़न-वर भी हमारा कब तलक होगा

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मैं सुख़न वर ये मरज़ मेरे लिए था
लड़खड़ाना और नस नस लड़खड़ाना

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हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे
कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और

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अपने मूल अर्थ में, 'सुखन-वर' एक ऐसे व्यक्ति को संदर्भित करता है जो कुशलता और कला के साथ शब्दों को गढ़ता है। कविता में, यह शब्द एक ऐसे सृजनकर्ता की छवि प्रस्तुत करता है जो भाषा को सुंदरता में ढालता है, भावनाओं और विचारों को सटीकता के साथ पकड़ता है।

'सुखन-वर' का उपयोग कवि अपने शिल्प की कला को उजागर करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर किसी साथी कवि की कुशलता का सम्मान करने या शब्दों की शक्ति पर विचार करने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह शब्द भाषा की अधिक साधारण अभिव्यक्तियों के विपरीत है, लेखन के कार्य को एक कला रूप में ऊँचा उठाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'सुखन-वर' शब्दों की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रमाण है। यह हमें याद दिलाता है कि भाषा कितनी सुंदरता और गहराई प्राप्त कर सकती है।