Meaning of

सुख़नवर

sukhanvar • سخنور

कवि; गायक; शब्दकार

poet; bard; wordsmith

شاعر; گویّا; لفظ ساز

Persian

मिलने के बा'द हर कोई मसरूफ़ हो गया
जब तक नहीं मिले थे सभी बे क़रार थे

कोई सुख़नवरी थी न कोई हुनर था पास
लेकिन हमारे हक़ में तमाम इश्तिहार थे

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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं
तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं

तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त
डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

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काम मुश्किल है बहुत अच्छा सुख़न-वर होना
ठीक तो ये है मैं मिर्ज़ा रहूँ क्यूँँ मीर बनूँ

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मिर्ज़ा सुख़न-वर कहते हैं कि तुम सुख़न-वर अच्छे नइँ
हाँ लेकिन उन सेे कह दो हम सेे जुमले कहना आते हैं

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शायद कि इस लिए भी सुख़न-वर हुआ हूँ मैं
मेरी कभी बनी ही नहीं ज़िंदगी के साथ

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तुम सेे बिछड़ के आई हमें ये सुख़नवरी
हम को तुम्हारी याद ने शाइ'र बना दिया

पंछी मुझे कहीं तू अकेला न छोड़ दे
इस डर से मैं ने यार तुझे ख़ुद उड़ा दिया

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मेरे दोस्त मैं तो इक सरफिरा सुख़न-वर हूँ
मेरे दोस्त मेरा तुम ऐतिबार मत करना

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एक भी दिल नहीं तोड़ पाया कभी
तू सुख़न-वर नहीं तुझ पे लानत है प्रीत

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कैसे मुमकिन हो मैं सुख़न-वर हूँ
एक भी शे'र कह नहीं पाया

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सितम्बर को सितमगर लिखते हैं
यही तो हम सुख़न-वर लिखते हैं

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मिलने के बा'द हर कोई मसरूफ़ हो गया
जब तक नहीं मिले थे सभी बे क़रार थे

कोई सुख़नवरी थी न कोई हुनर था पास
लेकिन हमारे हक़ में तमाम इश्तिहार थे

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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं
तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं

तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त
डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

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'सुख़नवर' शब्द उस व्यक्ति को दर्शाता है जो शब्दों को सुंदरता और गहराई के साथ गढ़ता है। कविता में, यह केवल छंदों के रचयिता को नहीं, बल्कि भावनाओं और विचारों के बुनकर को दर्शाता है, जो साधारण को उत्कृष्ट में बदल सकता है।

कवि 'सुख़नवर' का उपयोग कविता की कला का उत्सव मनाने के लिए करते हैं। यह सम्मान का एक शीर्षक है, जो भाषा पर महारत और गहरी भावनाओं को जगाने की क्षमता का सुझाव देता है। यह अक्सर अनकही चुप्पी के विपरीत होता है।

'सुख़नवर' के हाथों में, शब्द सुंदरता और सत्य के वाहक बन जाते हैं, जो समय और स्थान के पार मानव अनुभव का भार उठाते हैं।