
तुम सेे बिछड़ के आई हमें ये सुख़नवरी
हम को तुम्हारी याद ने शाइ'र बना दिया
पंछी मुझे कहीं तू अकेला न छोड़ दे
इस डर से मैं ने यार तुझे ख़ुद उड़ा दिया
— NISHKARSH AGGARWAL
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