Meaning of

यौम-ए-हिसाब

yaum-e-hisaab • یوم حساب

प्रलय का दिन; हिसाब का दिन

Day of Judgment; reckoning day

قیامت کا دن; حساب کا دن

Arabic

मूल रूप से 'यौम-ए-हिसाब' उस दिन का संकेत करता है जब सभी कर्मों का हिसाब लिया जाएगा, सत्य और न्याय का दिन। कविता में, यह नैतिक लेखा-जोखा और अपने कर्मों का सामना करने की अनिवार्यता को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग न्याय और नैतिकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर आत्मनिरीक्षण और अस्तित्ववादी चिंतन के संदर्भ में प्रकट होता है।

एक शब्द जो नैतिक सत्य और निर्णय की अनिवार्यता का भार रखता है।