Meaning of

ज़ाल

zaal • زال

जाल; फंदा; जाल का ताना-बाना

net; trap; web

جال; پھندا; جال کا تانا بانا

Persian

मैं अँधेरों से बचा लाया था अपने आप को
मेरा दुख ये है मिरे पीछे उजाले पड़ गए

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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त
मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त

ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं
किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त

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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या
मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या

तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना
कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या

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बन्दूक रखने की इजाज़त दीजिए सरकार अब
इस घर में हैं कुछ बेटियाँ और शहर में ज़ालिम बहुत

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उस ने देखा मुझ को तो कुण्डी लगानी छोड़ दी
फिर मिरे होंठों पे इक आधी कहानी छोड़ दी

मैं छुपाए फिर रहा था इश्क़ अपने गाँव में
और फिर ज़ालिम ने गर्दन पे निशानी छोड़ दी

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मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर ख़ाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिस
में कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी

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इक लड़का शब्दों का जाल बिछाता है
और इक लड़की ख़्वाब पिरोने लगती है

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किसे फ़ुर्सत-ए-मह-ओ-साल है ये सवाल है
कोई वक़्त है भी कि जाल है ये सवाल है

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मैं अँधेरों से बचा लाया था अपने आप को
मेरा दुख ये है मिरे पीछे उजाले पड़ गए

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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त
मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त

ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं
किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त

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मूल रूप से 'ज़ाल' का अर्थ जाल या फंदा है, जो किसी को फँसाने के लिए बुनावट की जाती है। कविता में, यह उन भावनाओं और परिस्थितियों की जटिलता को दर्शाता है जो दिल और दिमाग को उलझा देती हैं।

कवि अक्सर 'ज़ाल' का उपयोग प्रेम की जटिल और कभी-कभी धोखेबाज प्रकृति को दर्शाने के लिए करते हैं। यह इच्छाओं के फँसाव या भाग्य की जटिलता का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'ज़ाल' स्वतंत्रता और फँसाव के बीच की नाजुक नृत्य को पकड़ता है।