Meaning of

ज़ैन

zain • زین

सुंदरता; अलंकरण

beauty; adornment

خوبصورتی; زینت

Arabic

हम तिरे मेहरबान होने तक
ज़ीनते-दार हो चुके होंगे

0

Download Image

बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है

37

Download Image

है दसहरे में भी यूँँ गर फ़रहत-ओ-ज़ीनत 'नज़ीर'
पर दिवाली भी अजब पाकीज़ा-तर त्यौहार है

20

Download Image

आज भी रौशन है जिस के दम से ये दीन-ए-ख़ुदा
मकतब-ए-इस्लाम में बस वो दिया ज़ैनब का है

6

Download Image

शुमार अपना भी हो जाए अदब के नाम चीनों में
ख़ुदा कुछ शे'र कहला दे अगर मुश्किल ज़मीनों में

मैं फ़न्न-ए-शा'इरी पर इस लिए क़ुर्बान हूँ रहबर
नहीं मिलता ये गौहर बादशाहों के ख़ज़ीनों में

5

Download Image

ख़ला की ज़ीनतें महफ़िल ख़ला की शान है सूरज
सितारे रक़्स करते हैं तेरे आगे तेरे पीछे

क़मर के नूर से ऊपर तू ही अफ़ज़ल तू ही पारस
वो सारे रंग फ़ीके हैं तेरे आगे तेरे पीछे

5

Download Image

अब ज़िंदगी जीना नहीं छोड़ सकता
बस इस लिए पीना नहीं छोड़ सकता

छत पर रहा करती है हर शाम को वो
कमरा रखो ज़ीना नहीं छोड़ सकता

2

Download Image

लम्हा-ए-फुर्कत टल गया होता अगर दिखता जभी
मुड़ 'ज़ैन' तब लम्हा-ए-चेहरा ग़मज़दा का देखता

1

Download Image

देख कर तेरी नज़ाकत, ज़ेब-ओ-ज़ीनत
आइना भी तुझ सेा बनते जा रहा है

0

Download Image

रख के सर सज्दे में अपना ये कहा सरवर ने
दीन-ए-इस्लाम को इस तरह बक़ा दी जाए

क़ासिम-ओ-औन-ओ-मोहम्मद अली अकबर असग़र
बाज़ू अब्बास के ज़ैनब की रिदा दी जाए

0

Download Image

हम तिरे मेहरबान होने तक
ज़ीनते-दार हो चुके होंगे

0

Download Image

बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक
माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है

37

Download Image

'ज़ैन' वह आकर्षण और कृपा है जो इंद्रियों को मोहित करती है। कविता में, यह अक्सर बाहरी और आंतरिक सुंदरता के आदर्श का प्रतीक होता है, जो प्रशंसा और लालसा को प्रेरित करता है।

कवि 'ज़ैन' का उपयोग सुंदरता के शाश्वत आकर्षण को उभारने के लिए करते हैं। यह सतही अलंकरण और सच्ची आंतरिक सुंदरता के बीच के अंतर को भी उजागर कर सकता है।

'ज़ैन' अपनी शुद्धतम रूप में सुंदरता का उत्सव है, जो समय को पार करने वाली कृपा की याद दिलाता है।