
शुमार अपना भी हो जाए अदब के नाम चीनों में
ख़ुदा कुछ शे'र कहला दे अगर मुश्किल ज़मीनों में
मैं फ़न्न-ए-शा'इरी पर इस लिए क़ुर्बान हूँ रहबर
नहीं मिलता ये गौहर बादशाहों के ख़ज़ीनों में
— Moid Rahbar
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