ख़ला की ज़ीनतें महफ़िल ख़ला की शान है सूरजसितारे रक़्स करते हैं तेरे आगे तेरे पीछेक़मर के नूर से ऊपर तू ही अफ़ज़ल तू ही पारसवो सारे रंग फ़ीके हैं तेरे आगे तेरे पीछे— Abdulla Asif