ग़म अभी तक मुझे सहना नहीं आयामीन को आब में रहना नहीं आयासोच तो सब लिया था आज कह दूँगामिल के आदाब भी कहना नहीं आयातैरने का हुनर था इस लिए ही तोक़श्ती को आब में बहना नहीं आयाआज भी हमनवा कोई नहीं मेरापर अकेले मुझे रहना नहीं आया— Jagat Singh