Jagat Singh

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@jagatsinghnamdhari7

Jagat Singh shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jagat Singh's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

किसी को भी बिना बोले पता नहीं चलता कहीं पे कोई उन्हें सच्चा इश्क़ करता है — Jagat Singh
बुला के मुझ को वो पहले गले लगाती है कि पहली चाल में ही बाज़ी जीत जाती है — Jagat Singh
सो दफ़ा उस का नज़र-अंदाज़ करना बे-असर था एक हिचकी ने जगा रक्खी थी दिल में इतनी उम्मीद — Jagat Singh
अब पुरानी सारी बातें भूल जाओ काश हम सेे तुम भी ये ही बात कहते — Jagat Singh
लोग जो भी सोचते हैं कर गुज़रते हैं वही और मैं जो सोचता हूँ सोचता रह जाता हूँ — Jagat Singh
कैसे जानोगे मेरा हाल ए दिल इश्क़ मुझ को हुआ है तुम को नहीं — Jagat Singh
नहीं मनाया जाएगा वो नख़रे बाज़ अब मुझ सेे मैं मर भी गर गया ना तो वो भी ज़िया जाएगा — Jagat Singh
बना तो रही है तू ये रिश्ता लेकिन तुझे बा'द में गर न भाया मैं तो फिर — Jagat Singh
वहीं पर मैं मरूँगा जिस जगह गाहे किसी को देख कर मुँह फेरा हो तू ने — Jagat Singh
आदमी नहीं मशीन होना है मुझे तो अब मुझ को लगता है कि सुख तो बस यही हुनर में है — Jagat Singh
जिस को अपना ग़म सुना दूँ सुन के ग़म फिर हँसता है वो — Jagat Singh
क़ीमतें बहुत बढ़ी दुकानों पे गुलाब की जब पता चला उसे गुलाब अच्छे लगते हैं — Jagat Singh
सज सवर कर उस ने पूछा कैसी हूँ मैं लग रही इक तरफ़ को सर झुका कर उस को मैं तकता रहा — Jagat Singh
जलते नहीं हैं हम किसी की कामयाबी से कभी हम बस तरसते हैं कि उन के जैसे हम भी क्यूँ नहीं — Jagat Singh
नहीं है कोई तेरे लौट के आने का अब आसार न जाने फिर भी क्यूँ मैं रोज़ तेरी राह तकता हूँ — Jagat Singh
महीना जनवरी का सर्द तर मुझ को दिलाता याद उस की है जो इस मौसम में बाहर निकले तो हल्की गुलाबी सी हो जाती है — Jagat Singh

Ghazal