आम से ख़ास यूँँ कर गए वो मुझेहोंठों की प्यास यूँ कर गए वो मुझेवो थे मेरा ह्रदय और ह्रदय तोड़ करजीते जी लाश यूँ कर गए वो मुझे— Jitendra "jeet"