@jitendrayadav98262
Jitendra yadav chambal shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jitendra yadav chambal's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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राह में तेरी मैं कोई बाधा नहीं
पर तेरा दिल दुखे ये इरादा नहीं
मेरे हिस्से नहीं आएँगी रुक्मिणी
मेरे हिस्से में जब कोई राधा नहीं
सबको जीने का यूँ ढब नहीं आएगा
आना जब चाहिए तब नहीं आएगा
व्यर्थ ही जाएगा राह तकना तेरा
जो गया सो गया अब नहीं आएगा
आम से ख़ास यूँ कर गए वो मुझे
होंठों की प्यास यूँ कर गए वो मुझे
वो थे मेरा ह्रदय और ह्रदय तोड़कर
जीते जी लाश यूँ कर गए वो मुझे
गीत मुक्तक सभी वो भुलाए गए
होंठों तक आए पर जो न गाए गए
तब से आँखों का नींदों से नाता नहीं
जबसे गोदी में सर रख सुलाए गए
उसको यार न कुछ भाता है
जिसके हिस्से ग़म आता है
आँखों को कोई समझाए
रातों को सोया जाता है
एक सरिता ने आश्रय था माँगा मगर
हम तो शिव भी नहीं जो जटा दे सकें
हम स्वयं ही तो कानन में विचरण करें
कोई घर हो तो उसका पता दे सकें
अपनी आँखों से आँसू बहा लीजिए
गीत को फिर मेरे गुनगुना लीजिए
तोड़ कर जा रहे हैं सभी दिल मेरा
आप भी इक़ दफ़ा आज़मा लीजिए
इक घड़ी में हमें वो भुलाने लगे
इस तरह होश मेरे ठिकाने लगे
थामकर हाथ ग़ैरों का वो चल दिए
जिनको पाने में हमको ज़माने लगे
जानते हो कि तुम ज़िन्दगी हो मेरी
तुम ग़ज़ल गीत और शायरी हो मेरी
वक़्त रहते उठा लीजिए फोन को
क्या पता कॉल ये आख़िरी हो मेरी
मैं तो अब शाम का ढलते सूरज सा हूँ
तुम मेरी ज़िन्दगी का उजाला बनो
मैं इबादत करूँ हर घड़ी हर पहर
तुम मेरी बंदगी तुम शिवाला बनो
मेरी आँखों में आँसू हैं लबों पर है हँसी तेरे
ग़मों से गर पड़े पाला तो मुझको याद कर लेना
न बाज़ी जीत पाए हम अगर दूजी मोहब्बत में
तेरे हिस्से में आऊँ मैं यही फ़रियाद कर लेना
हम भटकते रहे हैं यहाँ दर-ब-दर
तुमने आकर के जीवन सँवारा प्रिये
जब मेरे दर्द की इंतिहाँ हो गई
मैंने पन्नों पे तुमको उतारा प्रिये
अपने दिल की में पीड़ा बताऊँ किसे
हो रहे हैं ग़लत आकलन सब मेरे
और कब तक सहूँ दिल पे आघात को
प्रेम में खो रहे संकलन सब मेरे
वो मैं था जो उसकी हर हाँ में शामिल नइँ था
बस इस कारण ही तो मैं उसके क़ाबिल नइँ था
उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे
हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
तन पर रंग चढ़ाती होली
या फिर भंग पिलाती होली
होली सारे भेद मिटाए
सम रस ढंग बढ़ाती होली
हमारे वास्ते दिल में मोहब्बत गर नहीं तेरे
बताकर एक सच हमको भले बर्बाद कर लेना
ज़रा कुछ देर तो ठहरो अभी साँसें मेरी चलतीं
मोहब्बत जिससे करते हो हमारे बाद कर लेना