तेरा मिलना ब-दौलत लगे
हम-नशीं ख़ूबसूरत लगे
साथ से कैसे तोहमत लगे
तेरे होने से शोहरत लगे
हर गुनह-गार को दो सज़ा
फ़ैसले से तो रहमत लगे
'उम्र कुछ भी रहे तेरी फिर
बारहा तू ही हसरत लगे
काश ऐसा मुक़द्दर मिले
जीने मरने भी फ़ुर्सत लगे
सिर्फ़ लिव-इन के ही ज़िक्र से
अजनबी से भी नफ़रत लगे
मयकदे में मुझे देखके
साक़िया को भी राहत लगे
हुस्न से दिल से भी ख़ास है
इसलिए तेरी चाहत लगे
चाहते सब मनोहर उसे
आरज़ूओं को क़िस्मत लगे
Read Full