बर्बाद कर के मुझको यूँँ एहसान कर गया

  - Nityanand Vajpayee

बर्बाद कर के मुझको यूँँ एहसान कर गया
ख़ाना-बदोश को वो सुलैमान कर गया

उसको लगा कि वो मुझे वीरान कर गया
पर मुझको लग रहा है बड़ी शान कर गया

कोशिश तो उसकी थी कि कभी फिर न खिल सकूँ
पर मेरा सब्र मुझ को गुलिस्तान कर गया

ग़द्दार कह के वो मुझे रुस्वा तो करता पर
मेरा वुजूद उसको पशेमान कर गया

मैं बादलों की तरह भटक जाता लेकिन अब
मेरे ठिकाने पर मुझे तूफ़ान कर गया

चाहत थी उसकी दूर चला जाऊँ उस से मैं
सो मैं भी उसके दिल को बयाबान कर गया

गुलज़ार हूँ मैं उसकी हिक़ारत की दम पे यूँँ
इस दर्जा नित्य वो मुझे इंसान कर गया

  - Nityanand Vajpayee

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