Political Shayari - Poetic Verses Reflecting Governance and Society

Explore a thought-provoking collection of Political Shayari that captures the complexities of politics, governance, and societal issues. These poetic lines reflect on leadership, justice, and the voice of the people.

Best Political Shayari on Governance and Justice

इन से उम्मीद न रख हैं ये सियासत वाले
ये किसी से भी मोहब्बत नहीं करने वाले
Nadim Nadeem
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चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या

उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या
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Anand Raj Singh
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हमारे मुल्क की ये दास्ताँ है
सियासत अब लहू पीने लगी है
Piyush Nishchal
हवा को दोष मत देना अभी सोचो
शराफ़त आग में होती जुदा होती

सियासत ने दिलों में है भरी नफ़रत
वगर्ना आज वो मुझ पर फ़िदा होती
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Ganesh gorakhpuri
तुम फ़साने इतने बनाते ही रहते
ये मुहब्बत है जाँ सियासत नहीं है
Hrishita Singh

Heart Touching Political Shayari in Hindi

मुल्क तो मुल्क घरों पर भी है क़ब्ज़ा उस का
अब तो घर भी नहीं चलते हैं सियासत के बग़ैर
Zia Zameer
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दीवार उठाने की तिजारत नहीं आई
दिल्ली में रहे और सियासत नहीं आई

बिकने को तो दिल बिक गया बाज़ार में लेकिन
जो आप बताते थे वो क़ीमत नहीं आई
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Obaid Azam Azmi
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दरमियाँ नफ़रत के घुट घुट कर मुहब्बत मर रही है
खून होता है हया का और शराफ़त मर रही है

ये सियासत है कि दंगों से इन्हें कुर्सी मिली है
इस सियासी खेल में यारों ख़जालत मर रही है
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Chandan Sharma
हिफ़ाज़त करने वाले लोग थे वो
हनन जिनका सियासत ने किया है
Piyush Nishchal
उम्मीदवार ख़ुद को बेहतर बता रहें सब
किसको मिले सियासत ये कौन जानता है
Ravi 'VEER'

Emotional Political Shayari on Leadership and Society

बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम
Asrar Ul Haq Majaz
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वो हिंदू, मैं मुस्लिम, ये सिक्ख, वो ईसाई
यार ये सब सियासत है चलो इश्क़ करें
Rahat Indori
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जो जो आरोप हैं उन सब पे सफ़ाई देंगे
हम तो जनता की अदालत से रिहाई लेंगे
Aatish Indori
एक कुर्सी के यहाँ पर कितने दावेदार हैं
इश्क़ में भी देखिये साहब सियासत है बहुत
Vijay Anand Mahir
वफ़ा से सबका दिल अब उठ रहा है
वफ़ा मानो सियासत हो गई है
Mohd Arham

Beautiful Political Shayari in Urdu

कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना
एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना

जिस को तुम चाहो कोई और न चाहे उस को
इस को कहते हैं मोहब्बत में सियासत करना
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Liaqat Jafri
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सियासत के चेहरे पे रौनक़ नहीं
ये औरत हमेशा की बीमार है
Shakeel Jamali
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यार उसकी शराफ़त में देखो ज़रा
बिक चुका हूँ मुहब्बत में देखो ज़रा

रंग लोगों ने बदला यहाँ किस तरह
इश्क़ की इस सियासत में देखो ज़रा
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Shayar Danish
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घर के बाहर सभी सियासत रख
शान दस्तार की सलामत रख
Wasim Jamshedpuri
सियासी जो परचम उठाए हुए हो
मियाँ ख़ुद को क्या तुम बनाए हुए हो

वही तो नही सुन रहा बात तेरी
जिसे वोट देकर जिताए हुए हो
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Kush Pandey ' Saarang '

Short Political Shayari for Instagram Captions

हमारे ख़ौफ़ से बाज़ार उछलते हैं जहां भर में
सिसकने से हमारे कौन सी सरकार गिरती है
Nomaan Shauque
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इस दौर-ए-सियासत का इतना सा फ़साना है
बस्ती भी जलानी है मातम भी मनाना है
Unknown
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चुप रहेंगे या कहेंगे और तो ग़म क्या सहेंगे
रक्त अपनों के बहेंगे और मरहम क्या लगेंगे

जानते हैं वो सियासत के बड़े उम्दा खिलाड़ी
पर मुक़ाबिल पा हमें पूछेंगे "अब हम क्या करेंगे
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Zain Aalamgir
आप पर कोई भरोसा क्यों करे
आप भी हैं आदमी सरकार के
Umesh Maurya
तेज़ कितनी भी सियासत हो मगर दम तोड़ती है
गुफ़्तगू कोई सियासी बारहा मुँह मोड़ती है
Manohar Shimpi

Poetic Political Shayari on Power and Corruption

मुक़ाबिल फ़ासलों से ही मोहब्बत डूब जाएगी
सुनोगी झूठी बातें तुम हक़ीक़त डूब जाएगी

चलेगी तब तलक जब तक तिरी परछाईं देखेगी
तिरा जब हुस्न देखेगी सियासत डूब जाएगी
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Anurag Pandey
भले ही प्यार हो या हिज्र हो या फिर सियासत हो
कुछ ऐसे दोस्त थे हर बात पर अशआर कहते थे
Siddharth Saaz
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वोट दे आते हो तुम सब जात, फ़िरक़ा देख कर
ऐ वतन के वासियों इसमें है ख़तरा, देख कर

फिर नहीं तुम बाद में सब चीखते रह जाओगे
इस सियासी दौड़ में शामिल है बहरा, देख कर
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Updesh 'Vidyarthi'
अदालत भी हमारी है सियासत भी हमारी है
जहाँ तक झूठ दिखती वो रियासत भी हमारी है
Umesh Maurya
अच्छे दिन लाएगा यक़ीं है मुझे
वो सियासी नहीं ख़ुदा है दोस्त
Dharmesh Solanki

Political Shayari on Social Change and Activism

ऐसा नहीं बस आज तुझे प्यार करेंगे
ताउम्र यही काम लगातार करेंगे

सरकार करेगी नहीं इस देश का उद्धार
उद्धार करेंगे तो कलाकार करेंगे
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Tanoj Dadhich
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मैं भूल चुका हूँ कि ये वनवास है वन है
इस वक़्त मेरे सामने सोने का हिरन है

मैं ध्यान से कुछ सुन ही नहीं पाऊँगा सरकार
मैं क्या ही बताऊँ कि मेरा ध्यान मगन है
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Vikram Gaur Vairagi
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पूँजी वालों की है चाँदी
बेचारी जनता फर्ज़ी है

जो चाहे वो बिल लें आए
संसद की मन मर्ज़ी है
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Kush Pandey ' Saarang '
ख़ुद से नहीं झुकती है अगर ख़ुद से झुका दो
नाकाम ये सरकार, ये सरकार गिरा दो
Mohit Subran
सियासत ने मोहब्बत ख़त्म कर दी
लगा दी आग सारी बस्तियों में
''Akbar Rizvi''

Thoughtful Political Shayari on Rights and Equality

ले लो बोसा अपना वापस किस लिए तकरार की
क्या कोई जागीर हम ने छीन ली सरकार की
Akbar Merathi
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मुहब्बत में हमने सियासत न की
तभी इश्क़ में कोई बरकत न की

उसे मानता था मैं अपना ख़ुदा
कभी उसकी लेकिन इबादत न की
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RAJAT AWASTHI
सफारी में नेता चलेंगे समझिए
हैं जनता-जनार्दन तो पीछे ही चलिए
Kush Pandey ' Saarang '
बोती थी पहले नफ़रत सियासत मगर
अब ये भी काम अख़बार कर देता है
Dileep Kumar
मेरे वतन को इन सियासी लोगों ने ही खा लिया
ख़बर में अब ख़बर कहाँ, वही दो-चार रहते हैं
"Nadeem khan' Kaavish"

Inspirational Political Shayari on Patriotism and Freedom

दो मुल्कों के सियासी खेल में जाने
यहाँ पर कितनों के घर उजड़े हैं मौला

वही हर सुब्ह मंज़र देखना पड़ता
हज़ारों लोग यूँ ही मरते हैं मौला
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Harsh saxena
उन का जो फ़र्ज़ है वो अहल-ए-सियासत जानें
मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे
Jigar Moradabadi
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फेंक दो सरकार को कुछ रोटियाँ
घूमिए लन्दन कनाडा चैन से
Umesh Maurya
इबादत, मुहब्बत, सियासत सभी
शरीफ़ों को अक्सर सताती ही हैं
"Nadeem khan' Kaavish"
गिराने के लिए सरकार तेरी
हमारी एक उँगली काफ़ी है बस
Irshad Siddique "Shibu"

Political Shayari on Democracy and Responsibility

सजा दूँ मांँग मैं तेरी लहू से आज मैं अपने
बुरा मानो अगर मेरे न तुम सरकार, होली में
Shashank Shekhar Pathak
चाँद तारे और सूरज जा रहे हड़ताल पर
मांग है सरकार से इतवार होना चाहिए
Saarthi Baidyanath
ऐसा नहीं कि जंग का कोई भी हल नहीं
सरकार चाहती है, कुछ मसले बनें रहें
Umesh Maurya
जिसे ख़ुद्दारी प्यारी हो सियासत दान कर देता
मोहब्बत जो भी करता है विरासत दान कर देता
Nirbhay Nishchhal
आपकी सरकार है जी आप ही फ़रमाइए
हम अगर बोले तो फ़िर हमसे खफ़ा हो जाओगे
Ajeetendra Aazi Tamaam