mere dil kii tadap ka koii paaraavaar to hogaa | मेरे दिल की तड़प का कोई पारावार तो होगा

  - Nityanand Vajpayee

मेरे दिल की तड़प का कोई पारावार तो होगा
मिटाएगा 'अजब ये प्यास कोई यार तो होगा

लगाए फूल के पौधे हैं हमने बीसियों अब तक
हमारे बाद हो बेशक चमन गुलज़ार तो होगा

मैं अबतक जीतता आया हूँ अपनी जंगें सारी पर
मुझे भी जीत लेगा जो कहीं हथियार तो होगा

मुक़द
में हैं कई उनके शहर में मेरे भी यारों
हर इक तारीख़ पर उनका मुझे दीदार तो होगा

मुक़द्दर में जो लिक्खा है वो मुझ सेे कौन छीनेगा
मेरे बोए पे मेरा अस्ल में अधिकार तो होगा

मिटा देगा गरीबी मुफ़लिसी हर शख़्स की इक दिन
वतन में एक दिन पैदा कोई सरदार तो होगा

जहाँ की आर्थिक ख़ाही में भरकर नीर समता का
सभी को एक कर देगा तो फिर दमदार तो होगा

मुझे मालूम है जो दुश्मनी मुझ सेे है कर बैठा
भले है बेवफ़ा लेकिन वो कुछ दमदार तो होगा

है जिसकी दख़्ल सुब्ह-ओ-शाम मेरे दिल में 'नित्यानन्द'
क़यामत तक मेरे ख़ातिर वो भी बेदार तो होगा

  - Nityanand Vajpayee

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