aapne to is qadar ranjoor kar daala mujhe | आपने तो इस क़दर रंजूर कर डाला मुझे

  - Nityanand Vajpayee

आपने तो इस क़दर रंजूर कर डाला मुझे
प्यार की चोटों से चकनाचूर कर डाला मुझे

था तो मैं पत्थर मगर जब से मुहब्बत हो गई
इस मुई ने एक-दम अंगूर कर डाला मुझे

एक टुकड़ा था मैं तपते थार रेगिस्तान का
'इश्क़ की ठंडक ने अब अखनूर कर डाला मुझे

काव्य का तो का तलक मुझको नहीं आता है पर
आपकी चाहत ने तुलसी सूर कर डाला मुझे

मैं मरीज़-ए-इश्क़ हूँ बेज़ार रातें बेचता हूँ
आपकी उल्फ़त ने चकनाचूर कर डाला मुझे

नित्य मेरी ही वज़ह से तुमको दुनिया मिल गई
शोहरतें मिलते ही तुमने दूर कर डाला मुझे

  - Nityanand Vajpayee

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