
उन के शयनांगन से बिल्कुल सटकर स्वर्ग बसा होगा
रूप-जलधि से उन के भर-भर देव सुधाघट पीते हैं
स्रोत सभी औषधि-लेपों का है उन की कोमलता में
देव दनुज सब युद्ध-व्रणों को उन हाथों से सीते हैं
— Nityanand Vajpayee
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