देखना है मेरी वफ़ा का रंगदेख ले हाथ पर हिना का रंगये तकब्बुर ये नाज़ नख़रों सेतेरे चेहरे पे हैं अना का रंगसाँवला चेहरा नील-गूँ आँखेंऔर उस पर तेरी अदा का रंगनाज़ करती हैं जिस पे हूर-ओ-मलकतुझ पे उतरा है वो हया का रंग— Parvez Shaikh