be-wajah gul khil | बे-वजह गुल खिलाना नहीं चाहिए

  - Rakesh Mahadiuree

बे-वजह गुल खिलाना नहीं चाहिए
इश्क़ से बाज़ आना नहीं चाहिए

आप बुज़दिल हैं तो फिर मेरी राय है
आपको दिल लगाना नहीं चाहिए

लो ये दिल लो ये जाँ और ये ईमान है
इश्क़ में कुछ बचाना नहीं चाहिए

ये हँसी कलियों को रास आई नहीं
तुमको यूँँ मुस्कुराना नहीं चाहिए

ताज मुझ को दिवानों ने पहनाया है
शाह तेरा ख़ज़ाना नहीं चाहिए

चेहरा आईना है दिल की हर बात का
प्यार कहकर जताना नहीं चाहिए

  - Rakesh Mahadiuree

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