कितना हारे हैं पता है
दुख के मारे हैं पता है
हम को इक होना है शायद
ये इशारे हैं , पता है
हम ने तुझ बिन कैसे कैसे
दिन गुजारें हैं , पता है
तुम इसे दुख कहते हो पर
ये नजारे हैं , पता है
तुम किसी हो और के और
हम तुम्हारे हैं , पता है
— karan singh rajput
दुख के मारे हैं पता है
हम को इक होना है शायद
ये इशारे हैं , पता है
हम ने तुझ बिन कैसे कैसे
दिन गुजारें हैं , पता है
तुम इसे दुख कहते हो पर
ये नजारे हैं , पता है
तुम किसी हो और के और
हम तुम्हारे हैं , पता है
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