बड़े क़रीने से तुम ने सीखा हमेशा मुझ को उदास करना
अगर न आया हो चैन दिल को दोबारा मुझ को उदास करना
कभी अचानक जो रोते रोते सुकून आए या नींद आए
छिड़क के दो-चार मुँह पे बूँदें जगाना मुझ को उदास करना
तरस न खाना ख़ुशी न देना मेरे लिए ये बजा न होगा
अगर जो कुछ हो सके तो तुम अब ख़ुदारा मुझ को उदास करना
मैं चंद लोगों को दुख सुना कर जहाँ में थोड़ा सा हँस सका हूँ
अगर न कोई तुम्हें मिले तो सुनाना मुझ को उदास करना
यहाँ नहीं है वहाँ नहीं है कोई तुम्हारे सिवा नहीं है
तुम्हीं सुनो ना पुकार बेशक दोबारा मुझ को उदास करना
किसी ने मतलब से रब्त रक्खा किसी ने बस यूँँ ही दिल लगाया
मगर सही से कभी किसी को न आया मुझ को उदास करना
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