dard hai dard se juda hai dil | दर्द है दर्दस जुदा है दिल

  - Sohil Barelvi

दर्द है दर्दस जुदा है दिल
एक पत्थर सा बन गया है दिल

एक तकलीफ़ बारहा सह कर
तेरे बारे में सोचता है दिल

आख़िरश आप ने भी ठुकराया
मैं ने सोचा था आप का है दिल

घर तलक आता है ग़ुबार-ए-ग़म
जब भी साहिल से लौटता है दिल

टूटता जा रहा हर इक पत्थर
इतनी शिद्दत से रो रहा है दिल

वैसे सहरा में और कुछ भी नईं
इन परिंदों से लग गया है दिल

ज़ुल्म क़िस्मत के याद आते हैं
जिस्म जब भी ये देखता है दिल

  - Sohil Barelvi

Jafa Shayari

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