एक दूजे के हो नहीं सकते
और इस ग़म पे रो नहीं सकते
मुतमईन तुम भी हो नहीं पाए
हम भी कुछ और खो नहीं सकते
आख़िरश खो दिया ये कहते हुए
जिस को पाया है खो नहीं सकते
चैन आ जाए नींद आ जाए
और तकिए भिगो नहीं सकते
बोझ सर पे हो कोई बात नहीं
बोझ सीने पे ढो नहीं सकते
हम को सादा मिज़ाज रहने दो
आप के जैसे हो नहीं सकते
सुब्ह होने को है मगर 'सोहिल'
कैफ़ियत यूँ कि सो नहीं सकते
— Sohil Barelvi















