कभी भी ज़िन्दगी में कुछ अगर करना
ग़रीबी से अमीरी तक सफ़र करना
यहाँ जो जाम रक्खा है उधर करना
वहाँ जो चाय रक्खी है इधर करना
बहन और भाई से लड़कर दिवाली पे
अभी तक याद है घर को कलर करना
किसी के शे'र जब उसके न रह जाएँ
इसे कहते हैं शे'रों को अमर करना
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