बहुत देर के बा'द रस्ता मिला है
मिरे साथ पहली दफ़ा ये हुआ है
कहीं गुम है दिल मेरा है नींद गायब
असर ये तिरे इश्क़ का हो रहा है
कोई देर तक पास रुकता नहीं है
इसी बात का दुख ज़ियादा रहा है
मिरे मसअले ख़ुद सुलझते नहीं और
उसे ग़ैर के साथ देखा गया है
ये मैं ने सुना है मिलेगा वही जो
मुक़द्दर में तेरे ख़ुदा ने लिखा है
— ABhishek Parashar















