ढूँढ़ लेना इश्क़ करने का बहाना
दिल करे तो तुम किसी से दिल लगाना
कुछ कहानी और कुछ क़िस्से बनाना
सच है कह कर अपने यारों को सुनाना
कोई ठुकरा दे तुम्हें तो कुछ न कहना
बस ज़रा सा मुस्कुरा कर लौट आना
कुछ नया लिखना नए कुछ शे'र कहना
सब को अपनी दास्ताँ गा कर सुनाना
— ABhishek Parashar















