उस की ख़ुश्बू ने भी बिखरना है
रंग रंगों का भी उतरना है
जौन का काम पूरा करना है
उसकी ख़ुश्बू में रंग भरना है
धमकियाँ ख़ुदकुशी की दे कर के
ज़िंदगी से मज़ाक करना है
हो तो सकता नहीं मगर फिर भी
वक़्त अच्छा घड़ी में भरना है
मौत का कोई ऐतिबार नहीं
मुझ को तो ख़ुदकुशी से मरना है
सामने आ कि देख कर तुझ को
आज आईने ने सँवरना है
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