us kii khushboo ne bhi bikhrna hai | उस की ख़ुश्बू ने भी बिखरना है

  - Viru Panwar

उस की ख़ुश्बू ने भी बिखरना है
रंग रंगों का भी उतरना है

जौन का काम पूरा करना है
उसकी ख़ुश्बू में रंग भरना है

धमकियाँ ख़ुदकुशी की दे कर के
ज़िंदगी से मज़ाक करना है

हो तो सकता नहीं मगर फिर भी
वक़्त अच्छा घड़ी में भरना है

मौत का कोई ऐतिबार नहीं
मुझ को तो ख़ुदकुशी से मरना है

सामने आ कि देख कर तुझ को
आज आईने ने सँवरना है

  - Viru Panwar

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