jo kah rahe hain aap vo kar kyun nahin jaate | जो कह रहे हैं आप वो कर क्यूँ नहीं जाते

  - Wajid Husain Sahil

जो कह रहे हैं आप वो कर क्यूँ नहीं जाते
जीने से शिकायत है तो मर क्यूँ नहीं जाते

  - Wajid Husain Sahil

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    दिल मेरा लूट के कहते हैं वो भोले पन से
    हाल क्यों अपना दिवानों सा बना रक्खा है
    Wajid Husain Sahil
    यूँ नफ़रत के चराग़ों को बुझाऊँ
    हवा बन कर जहाँ में फैल जाऊँ
    Wajid Husain Sahil
    है अजब बात सभी शोर मचा कर खु़श हैं
    भेद उल्फ़त का ज़माने को बता कर खु़श हैं

    इश्क़ सरगम है जो धड़कन की धुनों पर बाजे
    सुर को समझे ही नहीं ढोल बजा कर खु़श हैं

    प्यार करने को तो इक उम्र भी कम है 'साहिल'
    लोग इक रोज़ फ़क़त जश्न मना कर खु़श हैं
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    Wajid Husain Sahil
    मैं हूँ इक ख़्वाब पर इतना बता दे
    तिरी आँखों में क्यूँ पाया गया हूँ
    Wajid Husain Sahil
    दिल की तड़प ज़बान पे लाई न जाएगी
    तकलीफ़ ये किसी से बताई न जाएगी

    बेहतर यही है इश्क़ से बचकर रहो सदा
    वरना ये लत लगी तो छुड़ाई न जाएगी
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    Wajid Husain Sahil

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