@wajidhusain7861
Wajid Husain Sahil shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Wajid Husain Sahil's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ज्ञान पर अभिमान का जो इक उदाहरण हो गया
और फिर अपने पतन का ख़ुद ही कारण हो गया
क्या अजब इसमें कि इक रावण था जो ज्ञानी हुआ
पर अजब तो ये है इक ज्ञानी भी रावण हो गया
दिल मेरा लूट के कहते हैं वो भोले पन से
हाल क्यों अपना दिवानों सा बना रक्खा है
दिल पे अपने ज़ख़्म का बस इक निशाँ रहने दिया
आग तो मैंने बुझा दी पर धुऑं रहने दिया
हाट इक रोज़ मेरे गाँव का आकर देखो
यहाॅं फ़्रीज़र नहीं मिट्टी के घड़े मिलते हैं
जो कह रहे हैं आप वो कर क्यूँ नहीं जाते
जीने से शिकायत है तो मर क्यूँ नहीं जाते
मेरी आमद से भला क्यों आइने डरने लगे
मेरे हाथों में तो साहिल कोई पत्थर भी नहीं
वो शख़्स जो नज़रों से बहुत दूर है लेकिन
पहरो उसे तकता हूँ मैं ख़्वाबों में बुला कर
ये जहाँ प्यार ही से रौशन है
कुछ यहाँ प्यार बिन नहीं होता
प्यार की एक उम्र होती है
प्यार का एक दिन नहीं होता
वो फिर सताने लगे याद हम को आ कर के
जिन्हें भुलाया था हमने खु़दा- खु़दा कर के
वक़्त हर वक़्त कहाँ एक सा रह पाता है
माज़ी जाता है तो फिर हाल बदल जाता है
दिन महीने दरो-दीवार वही रहते हैं
बस कैलेंडर है जो हर साल बदल जाता है
नया कुछ कर दिखाने का इरादा टूट जाता है
किसी बच्चे के हाथों जब खिलौना टूट जाता है
तेरे मेरे मिलन का ख़्वाब नाज़ुक आइने सा है
लगे आवाज़ का पत्थर तो सपना टूट जाता है