Rohit Kumar Madhu Vaibhav

Rohit Kumar Madhu Vaibhav

@MadhuVaibhav

Rohit Kumar Madhu Vaibhav shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rohit Kumar Madhu Vaibhav's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

आख़िर तलक कहती रही वो लड़की रोहित तुम सेे हम शादी करेंगे और तुम्हारी जात के हो जाएँगे — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
चाहते थे इश्क़ में तो कम से कम निकले यार कैसे और किस विष से ये दम निकले — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
कितने शरीर टूटे हैं एक बदन बनाने में — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
तुम हमें जिन दिनों रुला गई हो हम नहीं कुछ अधिक ही हँस रहे हैं — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
बद्दुआओं ने बचाए तो रखा मुझ को तुम दवाएँ देते तो मैं मर गया होता — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
ले गया कोई उस का बदन और हम रूह का एक नारा लगाते रहे — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
ख़ुदा से है गिला इस बात की है दुश्मनी ज़मीं पे बिन इजाज़त के उतारा है मुझे — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
मिल-मिला के एक लड़की से वो गंगा घाट की सोएँगे फिर चैन से हम नर्मदा की गोद में — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
कुछ यूँँ है तेरे जिस्म पर रंगीन तिल बेरी लगे हैं फूल जैसी झाड़ पर — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
जिस्म तोड़ती है पास की मोहब्बत कोई है मोहब्बत तो वो दूर अच्छी — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
एक जोड़ी थी ख़रीदी मैं ने पायल एक उस के पाँव में है एक माँ के — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
उस की शादी की मुबारकबाद दी है मैं ने तो शे'र तो उस सेे हुआ है दाद दी है मैं ने तो — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
हर दुआ पूरी करे उस की दुआ की जान हम ने ख़ुद की ही कुछ इस तरह ली — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
इक फूल पर कैसे कोई ठहरे होती ही है चंचल तितली रानी — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
बरसातों के बादल अब दिल पर चुएँगे तुम इन आँखों से अब गालों पर आओगी — Rohit Kumar Madhu Vaibhav
दिया ज़हर पहले उसी ने मुझे बचा भी लिया और फिर चूम कर — Rohit Kumar Madhu Vaibhav

Ghazal