Amaan Javed

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@Roohdaar

Amaan Javed shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Amaan Javed's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

गाल आगे कर इंतिज़ार न कर मेरे रंगों को बे-क़रार न कर — Amaan Javed
हुस्न की तौहीन कर दी वक़्त की बर्बादी की तेरे ठुकराए हुओ ने किस सेे किस सेे शादी की — Amaan Javed
टूटे हुए तारे मेरी खिड़की से गुज़रना इक बात को करना है मुक़द्दर के हवाले — Amaan Javed
यूँँ तो अम्मी हैं मेरी ढूँढ़ के तुम को लाईं तुम अगर यूँँ भी कहीं मिलती पसंद आ जाती — Amaan Javed
कोई तो है जो मेरे कान में ये कह गया है तू अपनी राह में दीवार बन के रह गया है — Amaan Javed
आशिक़ का इंतिज़ार था दु'आओं की तरह महबूब चुप रहा मगर ख़ुदाओं की तरह — Amaan Javed
बे-दर्द सियासत ने ज़हनों पर कैसा पर्दा डाल दिया हम डूब रहे हैं दलदल में और देख रहे आतिशबाज़ी — Amaan Javed
बड़े हो कर समझदारी तो मुझ को आ गई लेकिन वो लड़का खो गया जो ख़ुशबुओं से बात करता था — Amaan Javed
मुझे लगता है मेरी ज़िंदगी मैं जी रहा हूँ किसी धुन पर जो क़ुदरत से सुनाई दे रही है — Amaan Javed
मैं तो शाइ'र हूँ सो मैं जगता रहा इक ग़ज़ल मुझ सेे लिपट कर सो गई — Amaan Javed
जिस चीज़ को छुआ उधर गुलाब खिल गए उन के क़दम गए जिधर गुलाब खिल गए — Amaan Javed
अब मुझे फ़ारिग़ करो तुम अपनी यादों से कोई आया है मेरा बनने मेरे घर में — Amaan Javed
उम्मीद किसी को कभी झूठी नहीं दी है सब कुछ दिया तोहफ़े में अँगूठी नहीं दी है — Amaan Javed
आती है बैठे बैठे तेरी याद इस तरह आता है जैसे याद बुज़ुर्गों को लखनऊ — Amaan Javed
पूरी तरह वो और किसी के न बन सके जो लोग तेरे प्यार से महरूम रह गए — Amaan Javed
फूँक देने मेरे ख़्वाबों का नगर आ ही गई इस दिसम्बर तेरी शादी की ख़बर आ ही गई — Amaan Javed
तअल्लुक़ आज़माइश से रहा है ज़िंदगी भर यूँँ जहाँ पहुँचे मेरा लशकर वो दरिया सूख जाता है — Amaan Javed

Ghazal

मुझे इतनी मुहब्बत हो चुकी है कि मिल पाने की हिम्मत खो गई है मेरा दिल है अमावस का अँधेरा तुम्हारी याद जैसे चाँदनी है मैं तुम से ले सकूँ कोई इजाज़त मुझे इतनी इजाज़त कब मिली है मिटा दे वहशतों को ज़िंदगी से तुम्हारे हुस्न में वो ताज़गी है मेरी आँखों को ठंडक दे गई है तेरी मुस्कान में जो चाँदनी है तुम्हें तो हक़ भी है सब भूलने का मेरा तो याद करना लाज़मी है जो सब कुछ चाहिए था पा लिया है मगर तेरी कसक तो रह गई है तुम्हारा दिल अगर अब भी न पिघले तो फिर किस काम की ये शा'इरी है मुझे मालूम है तुम क्या कहोगी ज़रा सा वाह लिखना बेरुख़ी है तेरा होना तेरा मिलना ग़ज़ब है ये सब महसूस करना जादुई है मुझे ये रात छोटी लग रही है ग़ज़ल ये लंबी होती जा रही है -अमान — Amaan Javed